अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। रामलला के अस्थायी मंदिर की यादों को संजोने के लिए तैयार किया गया स्मारक बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।
इस स्मारक का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो द्वारा किया गया है। करीब 20 फीट ऊंचे इस ढांचे को राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के लाल बलुआ पत्थरों से तैयार किया गया है, जिससे इसे मंदिर जैसी भव्यता दी गई है। इसके ऊपर मंडप भी बनाया गया है, हालांकि यह कंक्रीट से निर्मित है। स्मारक के चारों ओर चबूतरा बनाया गया है और अंतिम चरण में रेलिंग लगाने का काम बाकी है।
स्मारक के भीतर रामलला के अस्थायी मंदिर की प्रतीकात्मक संरचना स्थापित की गई है, जिसे खास सागौन की लकड़ी से बनाया गया है। यही लकड़ी राम मंदिर के दरवाजों और चौखट में भी इस्तेमाल हुई है। इस काम को हैदराबाद की एक विशेष संस्था ने अंजाम दिया, जबकि कारीगर दक्षिण भारत से बुलाए गए थे।
इस स्मारक की खास बात यह है कि इसकी बाहरी दीवारों पर पारदर्शी शीशे लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु बाहर से ही अंदर का दृश्य देख सकेंगे। यह स्मारक राम मंदिर के निकास मार्ग के पास स्थित है, जिससे दर्शन के बाद श्रद्धालु आसानी से यहां पहुंच सकेंगे।
साथ ही, यहां हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है। यह वही प्रतिमा है जो वर्षों तक रामलला के साथ अस्थायी मंदिर में विराजमान रही थी। फिलहाल इसे यज्ञशाला में रखा गया है।
स्मारक के गर्भगृह में एक अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित की गई है, जिसे फिलहाल इलेक्ट्रिक माध्यम से जलाया जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इसका औपचारिक उद्घाटन कब और कैसे किया जाएगा, जिसका फैसला ट्रस्ट द्वारा लिया जाएगा।