अयोध्या न्यूज डेस्क: वित्तीय वर्ष 2025-26 में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ट्रस्ट को इस अवधि में करीब 220 करोड़ रुपये की कुल आय प्राप्त हुई, जो मुख्य रूप से श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे से आई है। ट्रस्ट की बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, रामलला की हुंडी सबसे बड़ा आय स्रोत बनकर सामने आई है।
आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक रामलला की हुंडी में लगभग 54.79 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिला। इसके अलावा दान काउंटर से 18.88 करोड़ और ऑनलाइन माध्यम से 8.33 करोड़ रुपये का योगदान प्राप्त हुआ। विदेशी दान (एफसीआरए) के तहत इस वर्ष मात्र 78 लाख रुपये ही आए। इस तरह कुल दान राशि 82.78 करोड़ रुपये तक पहुंची।
ट्रस्ट की आय का एक बड़ा हिस्सा बैंक में जमा धन पर मिलने वाले ब्याज से भी आया है। इस अवधि में ट्रस्ट को करीब 138 करोड़ रुपये का ब्याज मिला, जिससे कुल आय बढ़कर 220.81 करोड़ रुपये हो गई। मंदिर की पूरी व्यवस्था श्रद्धालुओं के सहयोग पर आधारित है, जहां दर्शन और अन्य सुविधाएं पूरी तरह नि:शुल्क हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मंदिर की आय सीधे तौर पर श्रद्धालुओं की संख्या और धार्मिक आयोजनों से जुड़ी है। वर्तमान में रोजाना 70 से 80 हजार लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे औसतन प्रतिदिन करीब 70 लाख रुपये का चढ़ावा मिल रहा है। आने वाले समय में मंदिर परिसर में नए आकर्षण जुड़ने से श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
वहीं ट्रस्ट के बैंक खातों में भी बड़ी राशि सुरक्षित रखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, एसबीआई में 809 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक में 662 करोड़ और बैंक ऑफ बड़ौदा में 327 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अलावा म्यूचुअल फंड और अन्य निवेशों को मिलाकर ट्रस्ट के पास कुल करीब 1940 करोड़ रुपये की राशि सुरक्षित है।