अयोध्या न्यूज डेस्क: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पर सवाल उठाए हैं। आगरा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल की जांच होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सनातन धर्म का अपमान है।
अखिलेश यादव की यह प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राम मंदिर में प्राप्त दान राशि के प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित किए जाने के बाद आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित इस जांच दल को सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा दिया गया है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावे के 7 से 7.5 करोड़ रुपये तक की राशि में अनियमितता हुई है। इसके बाद अखिलेश यादव ने भी मामले की जांच की मांग करते हुए दान राशि के प्रबंधन पर सवाल उठाए थे। बढ़ते विवाद के बीच यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ट्रस्ट का कहना है कि नियमित ऑडिट में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है। हालांकि, विवाद और जनचर्चा को देखते हुए ट्रस्ट ने स्वयं सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने एसआईटी गठन का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और तय समयसीमा में जांच पूरी होने से सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।