अयोध्या न्यूज डेस्क: सहारनपुर पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को अयोध्या में चढ़ावे की कथित चोरी और मंदिर ट्रस्ट की ओर से दी गई क्लीन चिट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर बड़े लोगों को क्लीन चिट दे दी गई तो सामान्य कर्मचारियों को जेल क्यों भेजा गया। अखिलेश ने कहा कि मंदिर में रखे राम धन की चोरी को लोग माफ नहीं करेंगे। उन्होंने अयोध्या के विकास को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विकास के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ और जमीनों के मामलों में गरीबों को उचित मुआवजा नहीं मिला।
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में जितना पैसा विकास के नाम पर खर्च किया गया, उससे शहर को वर्ल्ड क्लास बनाया जा सकता था। उन्होंने दावा किया कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर अयोध्या को दुनिया के बड़े शहरों के बराबर विकसित करने की कोशिश होगी। सहारनपुर में होने वाली रैली को लेकर उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण रैली नहीं हो सकी, लेकिन अब इसे चुनाव के दौरान आयोजित किया जाएगा। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, स्वास्थ्य सेवाओं और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर हमला बोला।
एक्सप्रेसवे की खराब हालत पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर मां गंगा बुलाएं तो गंगा एक्सप्रेसवे से जाने से बचें। उन्होंने सड़क पर गड्ढों और उन्हें पंखे या कारपेट से ठीक करने की तस्वीरों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के डिजाइन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर डिजाइन में गलती है तो इसे तैयार किसने किया था। उन्होंने कथित कमीशनखोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर विकास कार्यों में भारी कमीशन लिया जाएगा तो काम की गुणवत्ता कैसे अच्छी होगी।
अखिलेश ने गठबंधन में सीटों के बंटवारे, अमेरिका की पाबंदियों, जल जीवन मिशन, आरक्षण और इथेनॉल के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गठबंधन में सीटें वोट के आधार पर तय होंगी और किसान-कामगार अमेरिकी प्रतिबंधों से प्रभावित हो रहे हैं। जल जीवन मिशन पर उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह पाइप और टंकियां तो हैं, लेकिन पानी नहीं है। आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि आरक्षण था, है और रहेगा तथा जातीय जनगणना के आधार पर लोगों को उनकी आबादी के मुताबिक हक मिलना चाहिए। वहीं, इथेनॉल उत्पादन का फायदा किसानों तक पहुंचाने और उन्हें फसल की उचित कीमत, बेहतर बीज और सस्ती कृषि सुविधाएं देने की मांग की।