अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के अमानीगंज में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने मानदेय बढ़ोतरी में 2500 रुपये की पीएलआई राशि को शर्तों से जोड़ने पर नाराजगी जताई है। संयुक्त मोर्चा बाल विकास परियोजना अमानीगंज की ब्लॉक अध्यक्ष रानी सिंह के नेतृत्व में कार्यकत्रियों ने बुधवार, 9 सितंबर को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन खंड विकास अधिकारी अमानीगंज को सौंपा। उन्होंने मांग की कि 2500 रुपये की पीएलआई को फिक्स मानदेय में शामिल किया जाए।
कार्यकत्रियों के मुताबिक, 8 सितंबर को अयोध्या में हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी। इसमें 1500 रुपये मानदेय और 2500 रुपये पीएलआई यानी कुल 4000 रुपये की बढ़ोतरी बताई गई। कार्यकत्रियों का कहना है कि पीएलआई कुछ शर्तों और काम के आधार पर मिलती है, इसलिए इसे नियमित मानदेय का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि हर महीने सभी को इसका फायदा मिल सके।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र चलाने के अलावा बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, गर्भवती और धात्री महिलाओं की देखभाल, पोषण ट्रैकर पर जानकारी भरने और टेक होम राशन बांटने जैसे कई काम उनकी जिम्मेदारी में हैं। सुबह से शाम तक केंद्र पर काम करने के साथ उन्हें घर-घर जाकर भी लोगों से संपर्क करना पड़ता है। बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। ब्लॉक अध्यक्ष रानी सिंह ने कहा कि कुपोषण दूर करने की जिम्मेदारी निभाने वाली कार्यकत्रियों को खुद आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
संयुक्त मोर्चा बाल विकास परियोजना की प्रदेश अध्यक्ष कमलेश्वरी मिश्रा ने भी पीएलआई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तय काम या शर्तें पूरी होने पर मिलने वाली राशि को नियमित मानदेय में शामिल किया जाना चाहिए। रानी सिंह ने साड़ी के लिए मिलने वाली राशि को भी कम बताया। ज्ञापन देने के दौरान सोनू पांडे, कुमकुम सिंह, स्नेहलता, आशा देवी, सुनीता देवी, रेखा कुमारी, बिंदु, लीलावती, सरोज, उर्मिला, कलावती, अनीता मौर्या, प्रेम कुमारी, सावित्री, दुर्गावती, पूनम सिंह और कृष्णावती समेत बड़ी संख्या में कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।