अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया गया कि भूकंप, आग, बाढ़ या दूसरी आपात स्थितियों में कैसे निपटना है। अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के मौके पर आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में यात्रियों की सुरक्षा और एयरपोर्ट का संचालन सुचारु बनाए रखने के तरीकों की जानकारी दी गई।
विमानपत्तन निदेशक धीरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में एयरपोर्ट के अधिकारी-कर्मचारी, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और अलग-अलग एयरलाइंस के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रबंधक (वायु यातायात नियंत्रण) पुष्पेन्द्र भारती ने भूकंप, बाढ़, तूफान, आग, भीषण गर्मी और खतरनाक पदार्थों से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि ऐसी आपदाओं से एयरपोर्ट की सुरक्षा के साथ विमानों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
मॉक ड्रिल और ट्रेनिंग पर जोर
कार्यक्रम में नियमित ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल कराने की जरूरत पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि आपात स्थिति में समय पर कार्रवाई करने के लिए एयरपोर्ट के सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सही समय पर सूचना पहुंचना जरूरी है। कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों, कर्मचारियों और एयरपोर्ट की इमारतों व दूसरी सुविधाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपदा के दौरान नुकसान कम करना और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को मजबूत करना था।