अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस ने जांच के अंतिम चरण में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) मांगी है। दोनों ही ऐसे आरोपी हैं, जिनसे अब तक पुलिस कस्टडी में पूछताछ नहीं हो सकी है।
पुलिस ने विशेष अदालत में दाखिल अर्जी में कहा है कि दोनों आरोपियों से अन्य गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों के आधार पर पूछताछ की जानी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि कथित तौर पर चोरी की गई दान राशि कहां खर्च की गई, किसकी क्या भूमिका थी और क्या इस पैसे से चल-अचल संपत्ति खरीदी गई।
यह मामला राम मंदिर के स्ट्रॉन्ग रूम से दान राशि की कथित चोरी से जुड़ा है। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें अधिकांश लोग दान राशि की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े थे।
पुलिस इससे पहले छह अन्य आरोपियों से अलग-अलग चरणों में पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान नकदी, सोने के आभूषण, कथित रूप से चोरी के पैसों से खरीदी गई गाड़ियां और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही आरोपियों और उनके परिजनों के कई बैंक खाते भी फ्रीज किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि टिन्नू यादव और मनीष यादव से पूछताछ जांच की सबसे अहम कड़ी है। इससे कथित साजिश, पैसों के लेनदेन और जुटाए गए साक्ष्यों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी। इस पूछताछ के बाद पुलिस जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। वहीं, सरकार द्वारा गठित एसआईटी मंदिर की दान व्यवस्था में प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चूक की भी समानांतर जांच कर रही है।