अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में बड़ा खुलासा होने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के आधार पर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच के दौरान SIT को दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलने की जानकारी सामने आई है। टीम ने मंदिर से जुड़े करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को भी चिन्हित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक बदलाव आया। इनमें कुछ ऐसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं जो मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के करीबी माने जाते हैं।
राज्य सरकार ने 13 जून को इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था। टीम में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण शिवकुमार और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT ने अपनी 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें 150 लोगों से पूछताछ और शुरुआती निष्कर्षों का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने, ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को सीईओ नियुक्त करने जैसे सुझाव भी दिए गए हैं। सूत्रों का दावा है कि रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है और आगे की कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर लिया जा सकता है। हालांकि, इन दावों पर अभी तक संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।