अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी को लेकर विवाद और गहरा गया है। धर्म सेना भारत के प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए करीब 200 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संतोष दुबे का आरोप है कि राम मंदिर में श्रद्धालु प्रतिदिन बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के दान करते हैं। उनके अनुसार, मंदिर के दानपात्रों में रोजाना एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का चढ़ावा जमा होता है, जिसकी सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी ट्रस्ट पर है। शिकायत में दावा किया गया है कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों की मिलीभगत से दान की रकम और कीमती आभूषणों का गबन किया गया।
शिकायत में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और अन्य कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं। दुबे ने आरोप लगाया है कि दान से संबंधित खातों में कथित रूप से हेरफेर की गई और मंदिर को मिले आभूषणों तथा अन्य कीमती वस्तुओं का गलत तरीके से इस्तेमाल या बिक्री की गई। उन्होंने मामले की गहन जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, पहले से गठित विशेष जांच दल (SIT) भी मंदिर में दान संग्रह और जमा प्रक्रिया की जांच कर रहा है। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।