ताजा खबर

​अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा खुलासा: आरोपी अविनाश शुक्ला के घर से "रामराज्य कोष" का दानपात्र और QR कोड बरामद, SIT को मिला सबसे बड़ा सबूत

Photo Source : Google

Posted On:Wednesday, July 1, 2026

अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के अयोध्या से 'राम मंदिर दान चोरी मामले' में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पर छापेमारी कर एक लकड़ी का दानपात्र (Donation Chest) बरामद किया है, जिस पर "रामराज्य कोष" लिखा हुआ है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस दानपात्र पर डिजिटल पेमेंट के लिए एक क्यूआर (QR) कोड भी लगा हुआ था। जांच अधिकारियों ने इसे इस पूरे घोटाले का अब तक का सबसे पुख्ता और महत्वपूर्ण सबूत बताया है।

​इस बड़े खुलासे और एसआईटी (SIT) की जांच से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

​फर्जी दान तंत्र का भंडाफोड़: जांचकर्ताओं का मानना है कि बरामद किया गया यह "रामराज्य कोष" दानपात्र आरोपियों के तौर-तरीकों (Modus Operandi) को साबित करने में सबसे अहम कड़ी बनेगा। इस जब्ती से यह साफ हो सकेगा कि राम मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करते हुए किस तरह अवैध और अनाधिकृत रूप से चंदा वसूली का एक समानांतर नेटवर्क चलाया जा रहा था।

​QR कोड खोलेगा पैसों का राज: दानपात्र पर चिपकाए गए क्यूआर कोड को अब फोरेंसिक विशेषज्ञों की जांच के लिए भेजा गया है। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि यह क्यूआर कोड किस बैंक खाते से लिंक (जुड़ा) था, इसमें अब तक कितना डिजिटल ट्रांजैक्शन (लेनदेन) हुआ और राम मंदिर के नाम पर आया दान किन-किन लोगों के खातों में ट्रांसफर किया गया। वित्तीय गबन के इस खेल को समझने के लिए बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।

​जांच के लिए मिले 15 दिन और: इस अहम सबूत की बरामदगी ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में स्थानीय अदालत ने एसआईटी (SIT) को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस समय का उपयोग बरामद सामग्री का विश्लेषण करने, वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल करने, जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच करने और आरोपियों से आगे की पूछताछ के लिए किया जाएगा।

​सभी 8 आरोपियों के घरों पर छापेमारी: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने इस केस में अब तक गिरफ्तार किए गए सभी आठों आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या ऐसे "रामराज्य कोष" वाले दानपात्र देश में कहीं और भी इस्तेमाल किए जा रहे थे और इस पूरी साजिश के पीछे कुछ और बड़े चेहरे तो शामिल नहीं हैं।


अयोध्या और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ayodhyavocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.