अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि की गणना प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब हर रविवार को चढ़ावे की गिनती नहीं होगी और कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा। नई नियमावली लागू होने के बाद 12 जुलाई को पहली बार रविवार के दिन चढ़ावे की गणना नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर में इन दिनों प्रतिदिन करीब 18 से 20 लाख रुपये का चढ़ावा आ रहा है। हाल ही में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद गणना प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई थी। एसआईटी ने यह भी जांच की कि चढ़ावे की गिनती कैसे होती थी, कितने कर्मचारी तैनात थे और बैंक व ट्रस्ट के बीच तय नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
इसी बीच बैंक और मंदिर ट्रस्ट के बीच नई सहमति बनी, जिसके तहत अब दो पालियों के बजाय एक ही पाली में चढ़ावे की गिनती करने का फैसला लिया गया है। पहले कर्मचारियों को दो पालियों में छह-छह घंटे काम करना पड़ता था, जबकि नई व्यवस्था में एक पाली में नौ घंटे काम होगा। नई नियमावली से असहज महसूस करने वाले 20 से 22 आउटसोर्स कर्मचारियों ने खुद को इस प्रक्रिया से अलग कर लिया है।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि पहले जब मंदिर में रोजाना 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का चढ़ावा आता था, तब करीब 40 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। लेकिन पिछले कई महीनों से चढ़ावे की राशि स्थिर बनी हुई है और कर्मचारियों की संख्या जरूरत से अधिक लग रही थी। ऐसे में नई व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही, भविष्य में इस काम में बैंक के नियमित कर्मचारियों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।