अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के खंडासा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। करीब 2 लाख 15 हजार की आबादी के लिए बने इस सीएचसी में रोजाना 250 से 300 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है। बुधवार 30 सितंबर को भी सुबह से अस्पताल में मरीजों की लंबी भीड़ देखने को मिली।
मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े हैं, खासकर छोटे बच्चों की संख्या ज्यादा है। अस्पताल की लोकेशन भी परेशानी बढ़ा रही है, क्योंकि यह स्टेट हाईवे अमानीगंज-हलियापुर संपर्क मार्ग पर स्थित है। रोजाना सड़क हादसों में घायल लोग भी यहां पहुंचते हैं, जिससे इमरजेंसी पर मरीजों का अतिरिक्त दबाव बना रहता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मदन मोदनवाल के मुताबिक, अस्पताल में डॉ. मोहम्मद फहीम, डॉ. शिल्पी सिंह, डॉ. बृजेश सिंह और डॉ. नंदिनी समेत अन्य चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि अस्पताल में एक भी हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में सड़क हादसों में फ्रैक्चर वाले मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से छोटे बच्चों के इलाज में भी दिक्कत आती है। फिलहाल दूसरे डॉक्टर ही बच्चों का इलाज कर रहे हैं।
अस्पताल पहुंचे इश्तियाक, अरबिया, राजकुमार तिवारी, दीनानाथ, विपिन, नेहा सिंह और रोशनी ने बताया कि उनके बच्चे सर्दी, जुकाम और बुखार से परेशान हैं, लेकिन सीएचसी में बच्चों के डॉक्टर नहीं होने के कारण दूसरे चिकित्सकों को दिखाना पड़ रहा है। लोगों के मुताबिक, पहले अस्पताल के अधीक्षक बाल रोग विशेषज्ञ थे, जिससे बच्चों का इलाज आसानी से हो जाता था, लेकिन उनके ट्रांसफर के बाद समस्या बढ़ गई है। क्षेत्रीय विधायक इस मुद्दे को लेकर डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अभी तक अस्पताल की सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ है।