अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में इस बार दीपोत्सव पर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। दसवें दीपोत्सव के लिए सरयू तट और राम की पैड़ी को 30 लाख दीपों से रोशन करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस काम में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। आयोजन की शुरुआत सरयू तट पर भूमि पूजन के साथ हो चुकी है। अब सबकी कोशिश पिछले साल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की है।
पिछले दीपोत्सव में 26 लाख 17 हजार 215 से ज्यादा दीप जलाए गए थे। इस बार इससे करीब 3 लाख 82 हजार 785 अधिक दीप जलाने होंगे। लक्ष्य बड़ा है, इसलिए दीपों को सही जगह पर सजाने से लेकर उन्हें एक साथ प्रज्ज्वलित करने तक, हर काम की योजना बनाई जा रही है। सरयू तट और राम की पैड़ी पर दीपों की कतारें सजाने की मुख्य जिम्मेदारी स्वयंसेवकों की होगी।
भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ आयोजन का काम
दीपोत्सव की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजेंद्र सिंह ने की। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और स्वयंसेवकों के साथ भूमि पूजन किया। इसके बाद मां सरयू की पूजा-अर्चना की गई। इस धार्मिक कार्यक्रम के साथ ही दीपोत्सव की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।
35 हजार स्वयंसेवक मिलकर सजाएंगे लाखों दीप
30 लाख दीपों को तय स्थानों पर सजाना और फिर सही समय पर जलाना बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए हजारों स्वयंसेवकों को मिलकर काम करना होगा। हर जगह दीपों की व्यवस्था इस तरह करनी होगी कि रोशनी की खूबसूरत छटा भी दिखे और आयोजन भी तय योजना के मुताबिक पूरा हो। अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवक इस काम में अपनी भूमिका निभाएंगे।
दीपोत्सव में लोगों को चारों ओर दीपों की जगमगाहट दिखाई देती है, लेकिन इस नजारे को तैयार करने के लिए कई दिनों की मेहनत और बेहतर तालमेल की जरूरत होती है। इस बार भी स्वयंसेवकों की टीम इसी तैयारी में जुटेगी। 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य पूरा हुआ, तो अयोध्या अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी। अब इंतजार उस शाम का है, जब सरयू तट और राम की पैड़ी दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे।