अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) का रीजनल हब बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मिल्कीपुर तहसील के पूरे लालखां गांव में करीब 26 हेक्टेयर यानी 65 एकड़ जमीन गृह मंत्रालय को मुफ्त देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन बंजर दर्ज है और गाटा संख्या-429 मि. में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास स्थित है।
सरकार के मुताबिक, जमीन का इस्तेमाल सिर्फ एनएसजी रीजनल हब बनाने के लिए किया जाएगा। अगर तय समय में इसका उपयोग नहीं होता या भविष्य में इसकी जरूरत खत्म हो जाती है, तो जमीन राज्य सरकार को वापस करने का प्रावधान भी रखा गया है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि मिल्कीपुर में हब के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। यहां एनएसजी जवानों की तैनाती के साथ उनकी ट्रेनिंग की सुविधा भी विकसित की जा सकती है।
इस केंद्र के बनने से जरूरत पड़ने पर एनएसजी जवानों को अयोध्या और आसपास के इलाकों में तेजी से भेजा जा सकेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास जमीन होने के कारण सड़क मार्ग से आसपास के जिलों तक पहुंच आसान रहेगी। इससे अयोध्या के साथ पूर्वांचल के बड़े हिस्से की सुरक्षा व्यवस्था में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या में एनएसजी केंद्र के लिए इससे पहले भी जमीन दी जा चुकी है। वर्ष 2025 में कैबिनेट ने कैंट क्षेत्र में 8 एकड़ जमीन गृह मंत्रालय को 99 साल की मुफ्त लीज पर देने को मंजूरी दी थी। सितंबर 2026 में वहां शुरुआती निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी सामने आई थी। अब पूरे लालखां में 65 एकड़ अतिरिक्त जमीन मिलने से एनएसजी के क्षेत्रीय ढांचे का विस्तार होगा। ग्राम प्रधान प्रदीप यादव ने फैसले पर खुशी जताई है। राम मंदिर के बाद अयोध्या में बढ़ी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए इस केंद्र को सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।