अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर गहरा गया है। कांग्रेस ने ट्रस्ट के कामकाज, दान राशि के प्रबंधन और भूमि सौदों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे और मंदिर परियोजना से जुड़ी संपत्तियों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की कमी है। अजय राय ने कहा कि मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (SIT) पर भी सवाल हैं और इसकी जांच एक निश्चित समयसीमा के भीतर किसी मौजूदा हाईकोर्ट जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि दान पेटियों में आने वाली राशि, भूमि खरीद-फरोख्त और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कीमती सामानों के प्रबंधन को लेकर कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी का आरोप है कि यह मामला केवल वित्तीय गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था भी जुड़ी हुई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि भगवान राम की आस्था को राजनीतिक और व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने मंदिर आंदोलन से जुड़ी कथित 1,250 राम शिलाओं के गायब होने और ट्रस्ट की संपत्तियों के उचित लेखा-जोखा पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने कहा कि सच्चाई सामने लाने और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए स्वतंत्र एवं पारदर्शी न्यायिक जांच जरूरी है।