अयोध्या न्यूज डेस्क: केरल के कोच्चि में सफल साबित हुई वाटर मेट्रो सेवा अब देश के 18 शहरों तक पहुंचने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। योजना का उद्देश्य शहरों में मौजूद जलमार्गों को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बदलना है।
परियोजना के पहले चरण में श्रीनगर, पटना, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों में वाटर मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ सहित अन्य शहरों को जोड़ा जाएगा।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय वाटर मेट्रो नीति 2026 का मसौदा भी तैयार कर लिया है, जिसे विभिन्न मंत्रालयों के पास विचार के लिए भेजा गया है। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बताया कि यह नीति कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड की सफल वाटर मेट्रो परियोजना से प्रेरित होकर बनाई गई है। सरकार इस योजना को केंद्र-राज्य साझेदारी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत लागू करने पर विचार कर रही है।
फरवरी महीने में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड को 18 शहरों में व्यवहार्यता अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी थी। सभी शहरों का निरीक्षण पूरा हो चुका है और लक्षद्वीप को छोड़कर बाकी सभी स्थानों की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। मंत्रालय ने पहले चरण में शामिल शहरों की रिपोर्ट को मंजूरी भी दे दी है।