अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नई नियमावली और दर्शन प्रणाली लागू की है। परकोटा क्षेत्र में नवनिर्मित छह मंदिरों और सप्तर्षि मंदिर के निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अब श्रद्धालुओं के लिए संपूर्ण परिसर का अनुभव बदल गया है। नई व्यवस्था के तहत दर्शन मार्ग और समय के प्रबंधन को नया स्वरूप दिया गया है ताकि भक्त शांतिपूर्वक प्रभु के दर्शन कर सकें।
ट्रस्ट ने अब पास व्यवस्था को दो श्रेणियों—'सुगम दर्शन' और 'सामान्य दर्शन'—में विभाजित किया है। सुगम दर्शन पास धारक रामलला के साथ-साथ राम परिवार और परकोटा के छह मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। वहीं, सामान्य पास के जरिए श्रद्धालुओं को रामलला और राम परिवार के अतिरिक्त शेषावतार मंदिर, सप्तर्षि मंदिर और ऐतिहासिक कुबेर टीले के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। दर्शन की बढ़ती मांग के कारण वर्तमान में 8 मई तक के सभी ऑनलाइन स्लॉट बुक हो चुके हैं।
भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए ट्रस्ट ने पास की क्षमता में बड़ा बदलाव किया है। अब एक एकल पास पर अधिकतम 5 श्रद्धालु ही प्रवेश पा सकेंगे, जबकि पूर्व में यह सीमा 8 व्यक्तियों की थी। इस कदम का उद्देश्य कतारों की लंबाई कम करना और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को तेज करना है। इसके अतिरिक्त, वीआईपी दर्शन की सुविधा केवल ट्रस्ट और प्रशासन के विशेष कोटे तक सीमित रखी गई है, जिसे ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता।
धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने भक्तों से पारंपरिक भारतीय परिधानों में आने का विनम्र आग्रह किया है। आधिकारिक वेबसाइट के सुझाव के अनुसार, पुरुष धोती-कुर्ता या कुर्ता-पायजामा और महिलाएं साड़ी या सलवार-कुर्ती पहनकर मंदिर आ सकती हैं। हालांकि यह नियम अनिवार्य नहीं है, लेकिन ट्रस्ट इसे मंदिर की गरिमा और सांस्कृतिक परंपरा के अनुकूल मानता है। भक्तों से अपील की गई है कि वे दर्शन हेतु प्रस्थान करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपनी बुकिंग की स्थिति अवश्य जांच लें।