अयोध्या न्यूज डेस्क:अयोध्या-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे बने नाले की खराब हालत से हादसों का खतरा बढ़ गया है। यश पेपर मिल के सामने और रामपुर हलवारा गांव के पास नाला खुला और टूटा पड़ा है। नाले की पटिया भी क्षतिग्रस्त है। सड़क और नाले के बीच न तो पर्याप्त शोल्डर है और न ही सुरक्षा के लिए पैरापिट या रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। बारिश का पानी भरा होने से नाले की गहराई भी दिखाई नहीं देती।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाइक सवारों को नाले के बिल्कुल किनारे से होकर गुजरना पड़ता है। रात के समय यहां खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में तीन बाइक सवार नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं। वहीं, नाला सड़क से ऊंचा होने के कारण बारिश का पानी उसमें जाने के बजाय सड़क पर ही जमा हो जाता है। इससे कीचड़ फैलने के साथ फिसलने और हादसे की आशंका भी बढ़ रही है।
दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों के संपर्क मार्गों की हालत भी खराब है। बारिश के बाद घरों के सामने बने कच्चे रास्ते कीचड़ और दलदल में बदल गए हैं। कई जगह पानी भरा होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, थोड़ी सी बारिश होते ही ये रास्ते तालाब जैसे हो जाते हैं, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और अन्य लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
ग्रामीण नानू यादव, शिव बाबू यादव, अनंत राम यादव, सहदेव यादव, प्रमोद मिश्रा, परमानंद, शिवम दुबे और सोनू सिंह समेत अन्य लोगों ने एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग से समस्या दूर करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे किनारे नाले को मानक के अनुसार ढकने के साथ सुरक्षा दीवार और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। वहीं, गांवों के संपर्क मार्गों को खड़ंजा या सीसी रोड बनाकर पक्का किया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों की परेशानी और सड़क हादसों का खतरा कम हो सके।