अयोध्या न्यूज डेस्क: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार से जुड़े कथित भूमि खरीद मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। विपक्षी गठबंधन INDIA के नेताओं, खासकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD), ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि उज्जैन में हुई कुछ जमीन खरीदों में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अयोध्या के बाद अब उज्जैन का नाम सामने आ रहा है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर भी चर्चा तेज हो गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा अपने ही कुछ मुख्यमंत्रियों को हटाने की साजिश रच रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पार्टी नेता पवन खेड़ा ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। कांग्रेस का दावा है कि मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं को उन क्षेत्रों में जमीन आवंटित हुई, जहां भविष्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, हाईवे या सिंहस्थ महाकुंभ जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं। कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों की विस्तृत जांच की मांग की है।
हालांकि भाजपा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनका परिवार लंबे समय से वैध व्यवसाय से जुड़े हैं और सभी लेनदेन कानून के तहत किए गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि किसी के पास सबूत हैं तो वह औपचारिक शिकायत दर्ज कराए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।