अयोध्या न्यूज डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अयोध्या में कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो वह उनसे प्रदेश के सभी स्कूलों में वैदिक गणित की पढ़ाई शुरू कराने का आग्रह करेंगे। रानोपाली स्थित उदासीन आश्रम में गुरु पर्व महोत्सव और संत सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में उन्होंने संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी सभ्यता की रीढ़ होती है और संस्कृत में भारत की ज्ञान परंपरा का बड़ा भंडार मौजूद है।
राजनाथ सिंह ने अयोध्या को सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि चेतना, संस्कृति और सभ्यता का केंद्र बताया। उन्होंने श्रीराम मंदिर आंदोलन में संतों के योगदान को याद करते हुए कहा कि इस संघर्ष में संतों ने जेल की यातनाएं सहीं और बलिदान दिए। रानोपाली में उन्होंने श्रीनारायण संस्कृत महाविद्यालय के नए भवन का भी अवलोकन किया, लेकिन आचार संहिता लागू होने के कारण भवन का औपचारिक उद्घाटन नहीं कर सके।
रक्षा मंत्री ने संस्कृत को देवभाषा और आध्यात्म की भाषा बताते हुए वैदिक गणित की खासियत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैदिक गणित विदेशों में भी पढ़ाई जाती है और इसका भारतीय ज्ञान परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान है। इस मौके पर उदासीन आश्रम के पीठाधिपति महंत डॉ. भरतदास ने भारतीय ज्ञान की विरासत और संस्कृत को बचाने की जरूरत पर जोर दिया। जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ. राघवाचार्य ने भी संस्कृत और संस्कृति के संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया।
अयोध्या पहुंचने के बाद राजनाथ सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंगबली के भी दर्शन किए। राम मंदिर परिसर में ट्रस्ट के सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने उनका स्वागत किया और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं व निर्माण कार्यों की जानकारी दी।