अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अदालत से 14 घंटे की पुलिस रिमांड मिलने के बाद दोनों आरोपियों को जिला जेल से पूछताछ के लिए बाहर लाया गया।
दोनों आरोपियों की पहचान सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रामाशंकर मिश्रा के रूप में हुई है। सुभाष चंद्र श्रीवास्तव सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी हैं और मंदिर में दान की नकदी गिनने की प्रक्रिया की निगरानी करते थे। पुलिस अब दोनों से मामले के विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।
इससे पहले पुलिस अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से भी पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ कर चुकी है। अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस बीच अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, लेकिन बिना जांच पूरी हुए आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
सोमवार को अयोध्या की एक अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी थी। सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। अब उनकी अगली पेशी 27 जुलाई को होगी।
उधर, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी से जांच की प्रगति और टीम के गठन से जुड़ी जानकारी वाली स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वह आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है और केवल जांच की प्रगति की समीक्षा करेगा।