अयोध्या न्यूज डेस्क: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपित लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा एक बार फिर अपने निर्माणाधीन मकान से जुड़े दस्तावेज विकास प्राधिकरण (एडीए) में पेश नहीं कर सकीं। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने चौथी बार एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे एडीए ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई अब 5 अगस्त को होगी।
एडीए के अनुसार, जिस जमीन पर सुप्रिया का मकान बन रहा है, वह महायोजना 2031 के तहत आवासीय निर्माण के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में आती है। इस मामले में पहले 2 जुलाई को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 15 जुलाई को निर्माणाधीन मकान पर नोटिस चस्पा की गई, जबकि 22 और 29 जुलाई को भी नोटिस भेजे गए। इसके बावजूद अब तक निर्माण की वैधता से जुड़े पूरे दस्तावेज जमा नहीं किए गए हैं।
एडीए सचिव राजेश मिश्रा ने बताया कि सुप्रिया की ओर से कुछ दस्तावेज दिए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि लवकुश मिश्रा ने पत्नी सुप्रिया के नाम पर जमीन खरीदी थी, लेकिन विकास प्राधिकरण से अनिवार्य अनुमति लिए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
वहीं, इस मामले के एक अन्य आरोपित और पूर्व बैंककर्मी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में अपने पेंशन खाते के सभी बैंक लेनदेन का पूरा विवरण पेश किया। उन्होंने विवेचक की रिपोर्ट पर भी कई सवाल उठाए।
सुभाष ने पहले अदालत में अर्जी देकर पेंशन खाते से निकासी पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। उनका कहना था कि खाता सीज होने के कारण दवा, इलाज, बिजली बिल और परिवार के खर्च चलाने में परेशानी हो रही है। अभियोजन पक्ष ने बचाव पक्ष की आपत्ति पर जवाब देने के लिए समय मांगा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।