अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में चंपत राय समेत तीन लोगों को आरोपी बनाने की मांग पर सोमवार, 12 अक्टूबर को अदालत अपना फैसला सुनाएगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें मामले में आरोपी बनाने के लिए अयोध्या बार एसोसिएशन ने अदालत में अर्जी दी है। इसी याचिका पर सुनवाई के बाद अब कोर्ट को फैसला करना है। फिलहाल, तीनों को आरोपी बनाने को लेकर कोई अंतिम आदेश नहीं आया है।
एसआईटी की चार्जशीट में आरोपी नहीं, गवाहों की सूची में नाम
विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में विशेष एंटी करप्शन कोर्ट में 7 हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है। उनके नाम 133 गवाहों की सूची में शामिल हैं। एसआईटी की इस कार्रवाई पर स्थानीय अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद बार एसोसिएशन ने अदालत का रुख करते हुए तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और उन्हें आरोपी बनाए जाने की मांग की।
चंपत राय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका
इस मामले से अलग, अखिल भारत हिंदू महासभा ने चंपत राय पर फंड के कथित दुरुपयोग और जमीन खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर 2 नवंबर 2026 को सुनवाई होनी है। वहीं, चढ़ावा चोरी के मामले में तीनों को आरोपी बनाने की मांग पर 12 अक्टूबर को आने वाला फैसला अहम होगा। अदालत के आदेश से यह स्पष्ट होगा कि बार एसोसिएशन की अर्जी पर आगे क्या कार्रवाई होगी।