अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी फाइनल रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी। इस पद के लिए देशभर से कुल 5,585 आवेदन मिले थे। तीन सदस्यीय कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावरे और पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली शामिल थे।
कमेटी के सदस्य पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में आए आवेदनों की जांच के लिए 600 अंकों का ऑनलाइन फॉर्म तैयार किया गया था। शुरुआती जांच में 3,577 उम्मीदवारों ने यह फॉर्म भरा। इनमें से 470 या उससे ज्यादा अंक हासिल करने वाले 108 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना गया। इसके बाद चार दिनों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत हुई, जिसमें से 17 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया।
इन 17 उम्मीदवारों को आगे व्यक्तिगत बातचीत के लिए अयोध्या बुलाया गया था, जिसमें 16 उम्मीदवार शामिल हुए। उनकी योग्यता, काम के प्रति सोच, विजन और मंदिर से जुड़े कामकाज को समझने की क्षमता के आधार पर कमेटी ने तीन सबसे योग्य नामों का चयन किया है। अब इन तीन नामों में से किसे राम मंदिर का पहला CEO बनाया जाए, इसका फैसला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने बताया कि सर्च कमेटी की रिपोर्ट बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में रखी जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में CEO के नाम पर फैसला हो सकता है, हालांकि नाम की घोषणा तुरंत की जाएगी या नहीं, यह ट्रस्ट तय करेगा। वहीं, पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली ने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई है और उन्हें भरोसा है कि भगवान राम की कृपा से यह जिम्मेदारी सफलतापूर्वक पूरी होगी।