अयोध्या न्यूज डेस्क: राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को और आसान बनाने की तैयारी चल रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से फिलहाल करीब 15 लोगों की आईडी से दर्शन पास जारी किए जा रहे हैं। इनमें ज्यादातर ट्रस्टी और ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी हैं। आवेदन करने वाले श्रद्धालुओं का सत्यापन करने के बाद ही उन्हें विशिष्ट और सुगम दर्शन पास जारी किया जाता है। अब ट्रस्ट ने कर्मचारी प्रवीण तिवारी और नीलकंठ को भी पास जारी करने की जिम्मेदारी दी है।
इन दोनों कर्मचारियों को पास जारी करने की आईडी मिलने के बाद अब पहले के मुकाबले अधिक संख्या में दर्शन पास जारी किए जा सकेंगे। स्थानीय स्तर पर महंत दिनेंद्रदास के पास रोजाना बड़ी संख्या में पास के आवेदन पहुंचते हैं। ट्रस्ट की संस्तुति के बाद प्रवीण तिवारी और नीलकंठ को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। कुछ दिन पहले ट्रस्ट के तीनों चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी दर्शन पास जारी करने का अधिकार दिया गया था। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं को आसानी से पास मिल सके, इसके लिए इस तरह के छोटे-छोटे फैसले लगातार लिए जा रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था प्रभावित हुई थी। पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र के त्यागपत्र और मंदिर व्यवस्था से जुड़े गोपाल राव को हटाए जाने के बाद उनकी पास जारी करने वाली आईडी बंद कर दी गई थी। इससे विशिष्ट और सुगम दर्शन पास जारी करने में परेशानी आने लगी थी। अब नई आईडी जोड़ने से व्यवस्था को दोबारा सुचारु करने की कोशिश की जा रही है।
राम मंदिर में रोजाना सात स्लॉट में कुल 1,800 विशिष्ट और सुगम दर्शन पास जारी करने का प्रावधान है। जिला प्रशासन और पुलिस समेत कुछ अन्य विभागों को भी अलग से पास कोटा और आईडी दी गई हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरि, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ महाराज और युगपुरुष परमानंद गिरि समेत करीब 15 लोगों की आईडी से पास जारी किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कृष्ण मोहन और महंत दिनेंद्रदास के पास पास से जुड़े अधिक आवेदन पहुंचते हैं। महंत दिनेंद्रदास ने कहा कि रामभक्तों की सुविधा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा।