अयोध्या न्यूज डेस्क: बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन ने पहली बार रामलीला में भगवान राम का किरदार निभाया। भगवान राम के रूप में उनका लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। इस मौके पर रवि किशन ने आध्यात्मिकता, मानसिक स्वास्थ्य और भगवान राम, भगवान कृष्ण व भगवान शिव के जीवन से सीख लेने की अहमियत पर भी बात की।
भोजपुरी और हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के बाद राजनीति में आए रवि किशन ने भगवान राम का किरदार निभाने को अपने लिए बड़े सौभाग्य की बात बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव के जीवन और उनकी शिक्षाओं के बारे में पढ़ें और उनसे प्रेरणा लें।
मीडिया से बातचीत में रवि किशन ने कहा कि युवाओं को इन तीनों के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति डिप्रेशन या जिंदगी की मुश्किलों से गुजरता है, तो आध्यात्मिकता उसे उनसे उबरने में मदद कर सकती है। रवि किशन ने अपने सफर का जिक्र करते हुए बताया कि वह एक साधारण परिवार से आते हैं और आज सिनेमा के साथ-साथ गोरखपुर के सांसद के तौर पर भी पहचाने जाते हैं। उन्होंने लोगों से रोज कम से कम आधा घंटा ध्यान करने की अपील की। उनके मुताबिक, आध्यात्मिकता, सनातन परंपराएं, संस्कृति और धर्म मुश्किल समय में हिम्मत देते हैं।
रवि किशन ने बताया कि वह पहले भगवान परशुराम और केवट का किरदार निभा चुके हैं। बचपन में उन्होंने माता सीता की भूमिका भी निभाई थी, लेकिन भगवान राम का किरदार निभाना उनके लिए बिल्कुल अलग अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस भूमिका के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी है और उन्हें उम्मीद है कि भगवान राम के आशीर्वाद से वह इसे पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ निभा पाएंगे।
अभिनेता ने यह भी कहा कि आध्यात्मिकता लोगों को मानसिक रूप से मजबूत बनने और मुश्किल हालात का सामना करने का साहस दे सकती है। उनके मुताबिक, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को समझना जरूरी है, क्योंकि जीवन के कठिन दौर में आध्यात्मिक विश्वास लोगों को सहारा दे सकता है। वहीं, भगवान राम के रूप में रवि किशन की तस्वीरों और उनके अभिनय को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।