अयोध्या न्यूज डेस्क: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के संसदीय दल में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को दिल्ली में बुलाई गई पार्टी की संसदीय बैठक में नौ में से केवल चार सांसद ही पहुंचे, जबकि छह सांसदों ने बैठक से दूरी बनाए रखी। इससे पार्टी में संभावित टूट की चर्चाओं को और बल मिला है।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दिना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय राउत बैठक में मौजूद रहे। इस घटनाक्रम के बाद दोनों शिवसेना गुटों के बीच सोशल मीडिया पर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
ठाकरे गुट की सोशल मीडिया समन्वयक अयोध्या पौळ पाटिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नागेश पाटिल आष्टीकर पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर 'खोका' डील को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद श्रीकांत शिंदे, संजय राउत और आदित्य ठाकरे को भी टैग किया।
इस बीच संजय राउत ने बागी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी से गद्दारी करने वालों को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ सांसद अब शिवसेना (उद्धव गुट) के साथ नहीं हैं। वहीं, बागी सांसदों के शिंदे गुट में विलय संबंधी पत्र और उसकी प्रक्रिया को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि आवश्यक संसदीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद आने वाले दिनों में इस मामले पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।