अयोध्या न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत 33 लाख 27 हजार 125 दीप एक साथ जलाए गए। क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल महालोक क्षेत्र में हुए इस दीपोत्सव को आयोजकों और अधिकारियों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बताया है। 17 सितंबर की शाम सायरन बजते ही महज तीन मिनट में सभी दीप प्रज्वलित किए गए। इस आयोजन में 25 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स, श्रद्धालु और शहर के लोग शामिल हुए।
उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे 31 लाख 15 हजार 630 दीप जलाए गए, जबकि महाकाल महालोक समेत शहर के अन्य स्थानों को मिलाकर कुल 33 लाख 27 हजार 125 दीप प्रज्वलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई नेताओं ने रामघाट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। हालांकि रिकॉर्ड की औपचारिक प्रमाण-पत्र प्रक्रिया पूरी होना अभी बाकी है।
उज्जैन में इस तरह के बड़े दीपोत्सव की शुरुआत 2022 में ‘शिव ज्योति अर्पणम’ के नाम से महाशिवरात्रि पर हुई थी। उस साल उज्जैन ने 11 लाख 71 हजार 78 दीप जलाकर अयोध्या के 2021 के 9 लाख 41 हजार 551 दीपों का रिकॉर्ड तोड़ा था। इसके बाद 2022 में अयोध्या ने 15 लाख 76 हजार 955 दीप जलाकर फिर रिकॉर्ड अपने नाम किया। उज्जैन ने 2023 में 18 लाख 82 हजार 229 दीप जलाकर जवाब दिया, लेकिन उसी साल अयोध्या ने 22 लाख 23 हजार दीप जलाकर यह रिकॉर्ड फिर तोड़ दिया।
इसके बाद 2024 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते उज्जैन में 5 लाख 51 हजार दीप जलाए गए, जबकि अयोध्या में 25 लाख 12 हजार दीप प्रज्वलित किए गए। 2025 में अयोध्या ने 26 लाख 17 हजार 215 दीप जलाए थे। अब 17 सितंबर 2026 को उज्जैन में 33 लाख 27 हजार 125 दीप जलाए जाने के साथ रिकॉर्ड एक बार फिर उज्जैन के नाम किए जाने का दावा किया गया है।