अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर) पर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को नया स्वरूप दिया जा रहा है। हाईवे पर बढ़ते दबाव और दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 190 करोड़ रुपये की एक बड़ी कार्ययोजना को मंजूरी दी है।
5 नए अंडरपास का होगा निर्माण:
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा चिन्हित किए गए पांच प्रमुख 'ब्लैक स्पॉट्स' पर अंडरपास बनाए जाएंगे। ये वो स्थान हैं जहाँ स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को हाईवे पार करने में सबसे अधिक जोखिम होता है। इन स्थानों में शामिल हैं:
अर्कुना
रानीमऊ
कुढ़ा सादात
भेलसर
सट्टी चौराहा
ब्लैक स्पॉट और सुरक्षा उपाय:
NHAI के परियोजना निदेशक अवनीत सिद्धार्थ के अनुसार, अंडरपास निर्माण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के अन्य तकनीकी पहलुओं पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
अवैध कट: हाईवे पर बने अवैध कट हादसों का मुख्य कारण हैं, जिन्हें बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
संकेतक: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर, साइनेज और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
क्षतिग्रस्त लाइटें: बाराबंकी के रसौली और चौपुला कट जैसे स्थानों पर क्षतिग्रस्त रोड लाइट और ब्लिंकर को ठीक करने के लिए संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किया जा रहा है।
प्रशासनिक सख्ती:
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के साथ-साथ प्रवर्तन (Enforcement) भी जरूरी है। हाईवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों पर जवाबदेही तय की जाएगी।
निष्कर्ष:
अयोध्या हाईवे पर बढ़ता ट्रैफिक अब केवल स्थानीय यातायात नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक कॉरिडोर बन चुका है। 190 करोड़ की यह परियोजना न केवल सड़क हादसों में कमी लाएगी, बल्कि स्थानीय आबादी और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के सफर को भी सुगम और सुरक्षित बनाएगी।