अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव और तापमान में गिरावट ने जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डालना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बाद हुई बारिश और ठंडी हवाओं के कारण बच्चों और बुजुर्गों में डायरिया, खांसी-जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। जिला अस्पताल और कुमारगंज स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है।
चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में बीमार बच्चों की कतारें लग रही हैं। सौ शैय्या अस्पताल के सीएमएस डॉ. रवि पाण्डेय ने बताया कि रोजाना करीब 30 से 40 बच्चे सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जिनमें से 4-5 बच्चों को गंभीर स्थिति के कारण भर्ती करना पड़ रहा है। तापमान में आई इस गिरावट और वातावरण में बढ़ी नमी ने संक्रमण की दर को तेज कर दिया है, जिससे विशेषकर छोटे बच्चे और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
डॉक्टरों ने आगाह किया है कि मौसम के इस बदलाव के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चों के लिए निमोनिया या गंभीर श्वसन तंत्र के संक्रमण का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बच्चों को ठंडी चीजों जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और ठंडे पानी से पूरी तरह दूर रखें। इसके अलावा, ठंडी हवा और धूल-मिट्टी से बचाव के लिए बच्चों को उचित कपड़े पहनाना और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ले जाने से बचना अनिवार्य है।
अस्पताल प्रशासन ने बढ़ते मरीजों को देखते हुए सभी आवश्यक दवाइयां और संसाधन आरक्षित कर दिए हैं। डॉ. पाण्डेय ने परिजनों को विशेष हिदायत दी है कि यदि बच्चों में लगातार खांसी, तेज बुखार, सीने में जकड़न या पसलियां चलने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से परामर्श लें। इस समय स्वच्छता और शुद्ध पेयजल का सेवन ही बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।