अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पति गन्ना लाल निषाद को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने आरोपी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने माना कि यह घटना घरेलू विवाद और नशे की आदत के चलते हुई।
यह मामला रौनाही थाना क्षेत्र के तहसीनपुर गांव का है, जहां साल 2021 में यह घटना हुई थी। गीता देवी उर्फ सुपला की शादी कई साल पहले गन्ना लाल निषाद से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। परिवार में अक्सर झगड़े की स्थिति बनी रहती थी, जिसका मुख्य कारण आरोपी की शराब की लत बताई गई।
मृतका के भाई राम सजीवन के अनुसार, 29 मार्च की रात उन्हें सूचना मिली कि उनकी बहन पर चाकू से हमला किया गया है। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि गीता देवी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी के शराब पीने से रोकने पर नाराज रहता था और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता था। घटना के दिन भी कहासुनी के बाद उसने गीता देवी पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
मृतका की बेटी संगीता ने अदालत में बताया कि उसकी मां खाना परोस रही थी, तभी विवाद शुरू हुआ। बाद में जब वह बाहर गईं, तभी आरोपी ने हमला कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले पर गहरे घाव की पुष्टि हुई।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की आधी राशि मृतका के बच्चों को मुआवजे के रूप में दी जाए।