अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के युवा संत दिवाकराचार्य ने वक्फ बोर्ड को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड कोई ऐसी संस्था नहीं है जो देशहित या समाज कल्याण के लिए काम कर रही हो, बल्कि यह भू-माफियाओं का अड्डा बन चुका है। दिवाकराचार्य ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के नाम पर पहले गरीब मुस्लिम समाज की संपत्तियों पर कब्जा किया गया और उनका शोषण किया गया। उन्होंने कहा कि वक्फ के नाम पर देश की राष्ट्रीय संपत्तियों पर भी डाका डाला गया है।
दिवाकराचार्य ने 2013 में लाए गए वक्फ (संशोधन) एक्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने जब यह कानून लाया, तब से वक्फ बोर्ड की ताकतें और ज्यादा बढ़ गईं। वक्फ संपत्तियों की पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बना दिया गया, जिससे वक्फ बोर्ड के पास असीमित शक्तियां आ गईं। इसके बाद वक्फ बोर्ड ने बिना धर्म और मजहब की परवाह किए सिर्फ जमीनों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के संरक्षकों को अब वक्फ संशोधन 2024 से परेशानी हो रही है, इसलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं।
दिवाकराचार्य ने कहा कि वक्फ बोर्ड के नाम पर देश की शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड ने देश में माहौल बिगाड़ने का काम किया है। उनके मुताबिक, कई राजनीतिक पार्टियों को वक्फ बोर्ड से फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे वक्फ बोर्ड से सीधा फंड न लिया जा रहा हो, लेकिन इसके जरिए राजनीतिक एजेंडा आसानी से फैलाया जा रहा है।
युवा संत ने कहा कि यही वजह है कि कई राजनीतिक पार्टियां खुलकर वक्फ बोर्ड का समर्थन कर रही हैं और इसके बचाव के नाम पर देश में तनाव का माहौल बना रही हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन 2024 के विरोध के पीछे गहरी साजिश छिपी है, जिस पर देशवासियों को ध्यान देना चाहिए। दिवाकराचार्य ने लोगों से इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने की अपील की है।