अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के मिर्जापुर माफी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। बीजेपी नेता और राम मंदिर समर्थक बबलू खान पर उनके पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने जानलेवा हमला किया। यह हमला तब हुआ जब बबलू खान दीपावली के मौके पर अपने कैंप कार्यालय में राम भजन गा रहे थे। उनके पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने इस पर आपत्ति जताई और हमलावरों ने बबलू खान और उनके परिवार पर हमला कर दिया।
यह घटना एक छोटे से विवाद को लेकर हुई, जो जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। ऐसी घटनाएं हमारे समाज में शांति और सौहार्द को भंग करती हैं। इस तरह की घटनाएं हमें सोचने पर मजबूर करती हैं कि हम कैसे अपने समाज में शांति और सौहार्द को बनाए रख सकते हैं। हमें एक दूसरे के मतभेदों को समझने और सम्मान करने की जरूरत है।
अचानक से हुए इस हमले में नेता बबलू खान और उनके तीन बेटे घायल हो गए। घटना तब हुई जब बबलू खान अपने कैंप कार्यालय में राम भजन सुन रहे थे, जिसका उनके पड़ोसी ने विरोध किया और अपशब्द कहे । विरोध के बाद, पड़ोसी ने बबलू खान और उनके बेटों पर हमला कर दिया, जिसमें वे सभी घायल हो गए।
बबलू खान ने अयोध्या कोतवाली में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके कैंप कार्यालय पर बीजेपी का झंडा था और वहीं राम भजन बज रहा था। उन्होंने कहा कि उनके पड़ोसी ने अपशब्द कहे और फिर उन पर और उनके बेटों पर हमला कर दिया।
बबलू खान ने बताया कि वे 2014 से राम मंदिर का समर्थन कर रहे हैं, जिससे उनके आसपास के मुस्लिम समुदाय में असंतोष बढ़ गया है। दीपावली के मौके पर जब उनके कुछ मित्र आए और उनकी गाड़ी में 'राम आएंगे तो अंगना सजाएंगे' भजन गाना शुरू किया, तब आसपास के लोग नाराज हो गए। इसके परिणामस्वरूप, उन पर कुल्हाड़ी, सरिया और बंदूक से हमला किया गया।