अयोध्या न्यूज डेस्क: सावन के दौरान रामलला के मंदिर में 35 लाख श्रद्धालुओं ने हाजिरी दी। अयोध्या में भोलेनाथ की भक्ति करने पहुंचे भक्तों ने रामलला के दर्शन की इच्छा भी पूरी की। प्रतिदिन औसतन एक लाख भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
सावन में रामलला के दिव्य-भव्य मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी रही। इस भव्य मंदिर में रामलला का पहला सावन झूलनोत्सव मनाया गया। सात अगस्त को सावन शुक्ल पंचमी पर रामलला और उनके भाइयों को रजत हिंडोले में झूलाया गया। भक्तों ने अपने आराध्य को झूला झूलते देखकर आनंदित महसूस किया। कजरी और झूलन को समर्पित पदों की मधुर गूंज हर शाम भक्तों को मंत्रमुग्ध करती रही।
सावन मेले में रामलला के दरबार में न केवल देश के विभिन्न कोनों से बल्कि अमेरिका, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि झूलनोत्सव में भाग लेने के लिए देश-विदेश से भक्त अयोध्या आए थे। उन्होंने कहा कि पहले रामलला को टेंट में झूला झूलते देखा है, और उस समय को याद करते हुए आज भी उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं। लेकिन अब अपने आराध्य के दरबार की भव्यता और ठाठ-बाट देखकर जो खुशी होती है, वह अवर्णनीय है।