अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में बृजेश सिंह उर्फ बिरजन सिंह हत्याकांड के 6 आरोपियों को कोर्ट ने रिहा कर दिया है। सोमवार को जिल जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने यह फैसला सुनाया।
बताया जा रहा है कि अयोध्या पुलिस ने हत्या के मामले की सही जांच नहीं की। जहां पहले लाश मिली थी, वहां पंचनामा नहीं भरा गया। जब पंचनामा तैयार करने की बात हुई, उस समय लोग लाश को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे।
हिस्ट्रीशीटर बृजेश सिंह उर्फ विरजन के भाई राजू ने कहा कि घटना उसकी आंखों के सामने हुई, लेकिन रात में उसने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। इसी और अन्य खामियों की वजह से कोर्ट ने विरजन हत्याकांड के सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
2019 की घटना है:
अधिवक्ता ने बताया कि घटना 11 अप्रैल 2019 की है। रात 10 बजे बघेडी गांव के राजू सिंह अपने भाई बृजेश सिंह उर्फ विरजन के साथ बाइक से घर लौट रहे थे।
तालगांव के मोड़ पर, शिवप्रसाद, वासुदेव, द्वारिका और उमेश ने हमला कर दिया। राजू भागने में सफल रहा, लेकिन बृजेश को गोली मारकर हत्या कर दी गई। राजू ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विवेचना में तेज कुमार तिवारी और प्रवीण यादव को भी आरोपी बनाया था, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी को बरी कर दिया।