अयोध्या न्यूज डेस्क: गुजरात के वापी जिले के रहने वाले उज्जवल ड्रोलिया और संजय शुक्ला ने अयोध्या तक दौड़कर पहुंचने का संकल्प लिया और अब वे अपने लक्ष्य के बेहद करीब हैं। ये दोनों रामभक्त किसी ट्रेन, बस या कार से नहीं, बल्कि लगातार दौड़ते हुए 1500 किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं। 16 फरवरी को वे अयोध्या पहुंचकर भव्य श्रीराम मंदिर के दर्शन करेंगे। इस कठिन यात्रा के दौरान उन्होंने एक भी कदम पैदल नहीं चला और हर दिन करीब 60 किलोमीटर दौड़ पूरी की। इस सफर में कई चुनौतियां आईं, लेकिन रामलला के दर्शन और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर निकले ये युवा अडिग रहे।
22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के अवसर पर वापी से शुरू हुई यह दौड़ 25 दिनों में अयोध्या तक पहुंच रही है। अब तक 1431 किलोमीटर की दूरी दौड़कर पूरी की जा चुकी है, और 15 फरवरी की शाम तक वे अयोध्या में प्रवेश कर लेंगे। 16 फरवरी को अंतिम 6 किलोमीटर की दूरी वे पैदल तय करेंगे, ताकि इस यात्रा में और भी लोग जुड़ सकें। उज्जवल और संजय का कहना है कि अयोध्या में महाकुंभ के कारण भारी भीड़ होगी, इसलिए वे रणनीति बनाकर दर्शन के लिए जाएंगे।
इस सफर के दौरान बाराबंकी के बाद से पुलिस चेकिंग शुरू हो गई थी, लेकिन दोनों युवकों ने अपनी दौड़ की जानकारी पहले से साझा कर दी थी, जिससे उन्हें कहीं भी रोका नहीं गया। इस पूरी यात्रा का एक और खास मकसद है – बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना। इस दौड़ के जरिए जो भी धनराशि एकत्रित होगी, उसे बेटियों की शिक्षा से जुड़े एक फाउंडेशन में दान किया जाएगा।
उज्जवल और संजय की यह अद्वितीय पहल सिर्फ उनकी आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह समाज को एक सकारात्मक संदेश भी देती है। दौड़ के हर पड़ाव पर लोगों का समर्थन और आशीर्वाद उन्हें मिलता रहा, जिसने उनके हौसले को और मजबूत किया। अब बस कुछ ही घंटों बाद, वे अपने 25 दिन के कठिन तप के बाद श्रीरामलला के दर्शन करेंगे और अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे।