अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में देवउठनी एकादशी के अगले दिन, शहर के वरिष्ठ साधु-संतों ने हनुमान जी के निशान के साथ एक भव्य यात्रा निकाली और 151 मीटर लंबी चुनरी मां सरयू में अर्पित की। यह परंपरा कार्तिक माह में हर वर्ष की जाती है, जब साधु-संत सरयू तट पर पूजा कर के चुनरी अर्पित करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु सहित सभी देवता चार महीने की योग निद्रा से जागृत होते हैं और सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। इसके बाद सभी शुभ कार्य शुरू होते हैं, और इस अवसर पर अयोध्या के साधु-संतों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां सरयू का पूजन किया और दुग्धाभिषेक किया।
संकट मोचन सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास ने बताया कि इस दिन का मुहूर्त खास है और मां सरयू में चुनरी अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके बाद एक शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें हनुमान जी का निशान शामिल था और पूरे देशवासियों के लिए मंगल कामना की गई।