अयोध्या न्यूज डेस्क: विकास प्राधिकरण ने अयोध्या के रामपथ और भक्ति पथ से लाखों रुपये की फैंसी लाइट चोरी के आरोपों को जांच के बाद निराधार घोषित किया है। इसके बाद, प्राधिकरण ने कंपनी पर धोखाधड़ी और अन्य आरोप लगाते हुए थाना राम जन्मभूमि में मुकदमा दर्ज करवाया। क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने इस मुकदमे की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि बीते 9 तारीख को कंपनी के शेखर शर्मा, जो हिसार, हरियाणा के निवासी हैं, ने मेसर्स यश इंटरप्राइजेज और कृष्णा ऑटोमोबाइल्स के प्रतिनिधि के रूप में थाना रामजन्मभूमि में 3800 बैम्बू लाइट्स और 36 गोबो प्रोजेक्टर लाइट्स चोरी होने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के समय उन्होंने राम पथ के पेड़ों पर 6400 बैम्बू लाइट्स और भक्ति पथ पर 96 गोबो प्रोजेक्टर लगाए थे, लेकिन 9 मई को निरीक्षण के दौरान पता चला कि इनकी संख्या आधे से भी कम हो चुकी है।
खबर के मीडिया में आने के बाद, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस मामले को गंभीर बताया और एक्स पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए, खासकर क्योंकि यह क्षेत्र हाई सिक्योरिटी जोन में है। विकास प्राधिकरण ने तुरंत जांच शुरू की और पाया कि आरोप निराधार थे। कमिश्नर गौरव दयाल ने भी इतने बड़े पैमाने पर लाइटों की चोरी को असंभव बताया था। प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रोपेगेंडा कंपनी द्वारा फर्जी भुगतान के लिए रचा गया था, जिसके चलते उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।