अयोध्या न्यूज डेस्क: प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन का अयोध्या से जुड़ाव एक नए रूप में सामने आया है। यह जुड़ाव उनके पिता और महान कवि हरिवंशराय बच्चन की स्मृति में स्थापित किए गए ट्रस्ट के माध्यम से हो रहा है। इस ट्रस्ट के नाम पर अयोध्या के तिहुरा माझा क्षेत्र में 40 बिस्वा जमीन खरीदी गई है, जिसकी कीमत 86 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह भूमि एचओएबीएल रियलटेक (अभिनंदन ग्रुप लोढ़ा) प्राइवेट लिमिटेड, महाराष्ट्र से 31 जनवरी को खरीदी गई थी। ट्रस्ट के पक्ष में यह रजिस्ट्री मुंबई निवासी राजेश ऋषिकेश यादव ने कराई है। हालांकि, ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट न होने के कारण अभी इसकी कार्ययोजना को लेकर अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जब अभिनंदन ग्रुप लोढ़ा द्वारा तिहुरा माझा में एक आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित करने की घोषणा की गई थी, तब चर्चा थी कि अमिताभ बच्चन भी वहां जमीन खरीदेंगे। उस समय, उनके जमीन खरीदने की अटकलें खूब लगीं, जिसे कई लोगों ने अभिनंदन ग्रुप की मार्केटिंग रणनीति बताया। हालांकि, धीरे-धीरे यह चर्चा थम गई और उनके नाम का कोई जिक्र नहीं हुआ। अब, जब हरिवंशराय बच्चन मेमोरियल ट्रस्ट के नाम से जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि अमिताभ बच्चन अयोध्या से अपने पारिवारिक और साहित्यिक जुड़ाव को मजबूत कर रहे हैं।
तिहुरा माझा क्षेत्र में अभिनंदन ग्रुप लोढ़ा एक विशाल आवासीय परियोजना विकसित कर रहा है, जो नयाघाट अयोध्या से लेकर दशरथ समाधि तक फैले सरयू नदी के किनारे स्थित है। यह क्षेत्र लगभग 15 किमी लंबे तटबंध के पास स्थित है, जिसे लोक निर्माण विभाग चौड़ा करने में लगा हुआ है। इस प्रोजेक्ट को अयोध्या में आधुनिक बसावट के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कई सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। ऐसे में, अमिताभ बच्चन द्वारा इस क्षेत्र में जमीन खरीदने की पुष्टि होने के बाद, इस परियोजना को और अधिक महत्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा, आवास विकास परिषद भी माझा बरहटा, शाहनवाजपुर और तिहुरा माझा में ग्रीन फील्ड टाउनशिप (नव्य अयोध्या) को तीन चरणों में विकसित कर रही है। पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और सड़कों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। परिषद के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों ने अयोध्या में गेस्ट हाउस के लिए इस टाउनशिप में प्लॉट पसंद किए हैं। इन सभी परियोजनाओं से अयोध्या का तेजी से विकास हो रहा है और इस पवित्र नगरी को एक आधुनिक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।