अयोध्या न्यूज डेस्क: गुजरात एटीएस, फरीदाबाद एसटीएफ और इंटेलिजेंस ब्यूरो ने 2 मार्च को फरीदाबाद के पाली इलाके से आतंकी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि वह अयोध्या में धमाके की साजिश रच रहा था। सुरक्षा एजेंसियों को पता चला कि उसने फरीदाबाद के एक खंडहर मकान में हैंड ग्रेनेड छिपाए थे। अब्दुल ने पूछताछ में कबूल किया कि वह 1 मार्च को फरीदाबाद आया था और 4 मार्च को अयोध्या लौटकर वहां हमले की योजना बना रहा था, लेकिन इससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।
अब्दुल रहमान, जो फैजाबाद के मिल्कीपुर का रहने वाला है, उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड, दो मोबाइल फोन और एक ट्रेन टिकट बरामद हुई है। जांच में यह भी पता चला कि 1 मार्च को वह अयोध्या कैंट से दिल्ली जंक्शन पहुंचा, जहां से उसे फरीदाबाद के पाली इलाके में एक लोकेशन बताई गई थी। वहां एक जर्जर मकान की जमीन में छिपे दो ग्रेनेड उसने निकाले थे, जिनका इस्तेमाल राम मंदिर पर हमले के लिए किया जाना था। फिलहाल, फरीदाबाद एसटीएफ उसे 10 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
अब सुरक्षा एजेंसियां उस हैंडलर की तलाश कर रही हैं, जिसने अब्दुल को ग्रेनेड छिपाने की जानकारी दी थी। जांच में खुलासा हुआ है कि अब्दुल अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। अबू सूफियान झारखंड के चतरा का रहने वाला है और उसने पीओके में आतंकी ट्रेनिंग ली थी। वह युवाओं को कट्टरपंथी बना उन्हें आतंकी संगठनों से जोड़ने का काम करता था। अब सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।