अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मवई कस्बे में हजरत भीखा शाह के उर्स मुबारक के मौके पर एक भव्य धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उर्स में अकीदतमंदों (जायरीनों) की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक अब्बास अली जैदी उर्फ 'रुश्दी मियां' ने शिरकत की। उन्होंने सूफी संत की दरगाह पर पारंपरिक चादर पोशी की और देश में अमन-चैन, तरक्की, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए मन्नतें मांगीं।
कव्वाली कार्यक्रम का उद्घाटन और स्वागत:
नेताओं और कमेटी ने किया स्वागत: उर्स कमेटी के मुख्य आयोजक अबू मोहम्मद और अन्य सदस्यों ने पूर्व मंत्री रुश्दी मियां का माल्यार्पण कर और साफा बांधकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
फीता काटकर शुरुआत: दरगाह पर हाजिरी लगाने के बाद पूर्व मंत्री ने उर्स के मुख्य आकर्षण 'कव्वाली कार्यक्रम' का फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया।
सूफी संतों का संदेश ही इंसानियत का आधार:
इस आध्यात्मिक सभा को संबोधित करते हुए विधायक रुश्दी मियां ने कहा कि सूफी संतों और औलिया-ए-किराम का जीवन और उनकी शिक्षाएं हमेशा इंसानियत, निस्वार्थ प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देती हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक समाज में शांति, आपसी एकता और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत बनाए रखने में ऐसे पवित्र आध्यात्मिक आयोजनों की बहुत बड़ी भूमिका होती है।
तस्लीम आरिफ की कव्वाली ने बांधा समां:
उद्घाटन के बाद कव्वाली महफिल की शुरुआत हुई, जिसमें देश के मशहूर कव्वाल तस्लीम आरिफ और उनकी हमनवा टीम ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम और नातिया कलाम पेश किए। उनकी मनमोहक और रूहानी प्रस्तुतियों ने पूरे मवई कस्बे को आध्यात्मिकता के रंग में सराबोर कर दिया, जिसका वहां मौजूद हजारों श्रोताओं ने देर रात तक भरपूर आनंद लिया और कव्वालों की हौसलाअफजाई की।
जायरीनों ने पढ़ी फातिहा, ये लोग रहे मौजूद:
उर्स के दौरान सुबह से ही बड़ी संख्या में दूर-दराज से आए जायरीनों ने मजार शरीफ पर मथा टेका, फातिहा पढ़ी और मन्नतें मांगीं। पूरे मेला परिसर में आस्था, अकीदत और कौमी एकता का माहौल देखा गया।
इस दौरान मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता शाह मसूद हयात गजाली, प्रमुख समाजसेवी दानिश हुसैन, खालिद खां, अबू मोहम्मद, मेला प्रबंधक सुजात अली, मेला अध्यक्ष हसीब शाह, तकलीम मालिक, शिबू शाह, तौफ़ीक़ राइन, रुदौली के ब्लॉक अध्यक्ष विंध्य सिंह, बाबा इखलाक और सुरजीत चौहान समेत भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक और अकीदतमंद मौजूद रहे।