अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार इन दिनों अपनी कविताओं के कारण काफी चर्चा में हैं। प्रवीण कुमार न सिर्फ कानून व्यवस्था को सख्ती से संभालते हैं, बल्कि अपने काव्य के माध्यम से भी लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान उनकी लिखी कविता 'आओ अयोध्या धाम' ने श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान बनाई थी। प्रवीण कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें एक सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है, लेकिन उनका दिल एक संवेदनशील कवि का है। हाल ही में उनकी नई कविता ने एक बार फिर लोगों का ध्यान खींचा है।
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, 14 जनवरी से 26 फरवरी तक 1.26 करोड़ श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। इतनी बड़ी भीड़ को संभालने और व्यवस्था बनाए रखने में आईजी प्रवीण कुमार ने अहम भूमिका निभाई। भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, हर मोर्चे पर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस अनुभव को प्रवीण कुमार ने अपनी नई कविता के माध्यम से व्यक्त किया है, जिसमें भीड़ नियंत्रण से लेकर यातायात प्रबंधन तक की बारीकियों को उन्होंने खूबसूरती से पिरोया है।
प्रवीण कुमार की कविता में प्रयागराज, काशी, गोंडा, और झांसी जैसे स्थानों से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा, पार्किंग की समस्या, पुलिस की सतर्कता और प्रबंधन का सुंदर वर्णन है। उन्होंने बताया कि कैसे पुलिस ने क्राउड मैनेजमेंट के लिए विशेष रणनीति अपनाई और किस तरह से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। रेलवे, एसएसएफ, पीएसी, और जल पुलिस के साथ मिलकर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन को सफल बनाया।
प्रवीण कुमार को उनकी साहित्यिक प्रतिभा के लिए पहले भी सराहा गया है। उन्हें 2021 में हिंदी संस्थान अवार्ड से सम्मानित किया गया था। राम मंदिर के प्रबंध और सुरक्षा के दौरान उनके अनुभवों को कविता के रूप में प्रस्तुत करना उनकी खास शैली है। उनकी कविताएं सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुभव और सांस्कृतिक भावनाओं का संगम होती हैं, जो लोगों के दिलों तक सीधे पहुंचती हैं।