अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने अयोध्या मास्टर प्लान का दूसरा चरण जारी कर दिया है, जो कुल 766.39 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मास्टर प्लान न केवल अयोध्या, बल्कि बस्ती और गोंडा जिलों के कई क्षेत्रों को भी अपने दायरे में लेता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर में रिहायशी, व्यावसायिक, औद्योगिक, परिवहन और मनोरंजन जैसे विभिन्न क्षेत्रों का व्यवस्थित और नियोजित विकास सुनिश्चित करना है।
इस दूसरे चरण के तहत अयोध्या, बस्ती और गोंडा जिलों के कुल 353 गांवों को अधिसूचित किया गया है। इसमें अयोध्या नगर निगम, भदरसा नगर पालिका और गोंडा के नवाबगंज नगर पालिका बोर्ड के संपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। प्राधिकरण के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य भविष्य में होने वाले शहरीकरण को एक रूपरेखा देना है, ताकि बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास सही ढंग से किया जा सके।
मास्टर प्लान की एक महत्वपूर्ण विशेषता राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करीब 1,200 प्राकृतिक तालाबों का संरक्षण और उन्हें योजना में शामिल करना है। इसके अतिरिक्त, शहरी सीमा से बाहर स्थित क्षेत्रों के लिए 'हाइवे फैसिलिटी जोन' का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत राजमार्गों और प्रस्तावित बाईपास के दोनों किनारों पर ग्रीन बेल्ट के बाद व्यावसायिक गतिविधियों, जैसे होटल, ढाबे और पेट्रोल पंपों के विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
योजना में उन राजस्व गांवों के लिए 'ग्रामीण आबादी विस्तार क्षेत्र' की पहचान भी की गई है, जो प्रस्तावित शहरीकरण सीमा से बाहर स्थित हैं। इससे इन गांवों की जनसंख्या बढ़ने पर उन्हें व्यवस्थित विस्तार में मदद मिलेगी। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने इस मास्टर प्लान के दूसरे चरण को अंतिम मंजूरी दे दी है, जो आने वाले समय में अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों के सर्वांगीण शहरी विकास के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' के रूप में काम करेगा।