अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के मिल्कीपुर विकासखंड में मौसम की मार लगातार जारी है। महज दो दिन पहले आए तूफान के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि रविवार की सुबह आंधी और तेज बारिश ने क्षेत्र में फिर से तबाही मचा दी। ग्राम पंचायत मजनाई समेत आसपास के कई इलाकों में इस दोहरी आपदा ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
इस कुदरती कहर की चपेट में केवल मजनाई ही नहीं, बल्कि तरौली, सेवरा, अगरबा, कुरावन, कीन्हूपुर, धौरहरा मुकुंदा, बोड़ेपुर, खानपुर और गोठवारा जैसे कई गांव भी आए हैं। तेज हवाओं के झोंकों ने जगह-जगह पेड़ों को धराशायी कर दिया है, जो सड़कों पर गिरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अलावा, बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त होने के कारण कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत और बहाली के कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन खराब मौसम की निरंतरता उनके प्रयासों में बाधा डाल रही है। मजनाई स्थित देसी शराब के ठेके के पास एक विशाल महुआ का पेड़ गिरने से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार आ रहे इन तूफानों ने लोगों की नींद उड़ा दी है और वे किसी भी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं।
आंधी और बारिश के इस सिलसिले का सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में रखा गेहूं का भूसा भीगने से खराब हो रहा है और तेज हवाओं में उड़ने के कारण नष्ट हो रहा है, जिससे अन्नदाताओं को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। रविवार सुबह 6:20 बजे शुरू हुई यह प्राकृतिक आपदा अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से स्थिति का आकलन कर उचित राहत और ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।