अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के चलते सभी राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, "हिंदू बटेंगे तो कटेंगे।" इसके जवाब में, अयोध्या के सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने बयान दिया कि "मठाधीश बाटेंगे और काटेंगे, लेकिन पीड़ित लोग जुड़ेंगे और जीतेंगे।" उन्होंने भाजपा को समाज को बांटने वाली पार्टी करार दिया। इसके बाद अयोध्या के संतों ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि अवधेश प्रसाद मठाधीशों के बारे में बयान दे रहे हैं, जो मठ और मंदिरों के प्रमुख होते हैं। उन्होंने कहा कि अवधेश को राजनीति करनी चाहिए, लेकिन साधु-संतों को निशाना नहीं बनाना चाहिए। परमहंस आचार्य ने उन्हें "पका हुआ आम" करार देते हुए कहा कि उनके बयान से "बदबू आ रही है।" उन्होंने यहां तक कहा कि अगर यही हाल रहा तो अवधेश प्रसाद छह महीने के अंदर मर जाएंगे, और उन्हें इस दुनिया के लिए "एक कलंक" बताया।
सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य महाराज ने कहा कि सांसद अवधेश प्रसाद का बयान निंदनीय है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हिंदुओं को बांटने का आरोप लगाती है, लेकिन ऐसा बयान देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अवधेश के नमाज पढ़ते हुए कई फोटो हैं, लेकिन मठ मंदिरों में दर्शन करते हुए कोई तस्वीर नहीं है।
राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि अवधेश प्रसाद पागल हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि मठाधीश का काम बांटना या काटना नहीं होता है, और उन्होंने अवधेश को इस तरह का बयान देने से परहेज करने की सलाह दी।