अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में स्थानीय बीजेपी नेता डॉ. बीडी द्विवेदी का शनिवार को अस्पताल ले जाते समय निधन हो गया। उनके परिवार का कहना है कि बैरिकेड्स और रास्ते में हुई देरी के कारण उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिससे उनकी जान चली गई। डॉ. द्विवेदी को अचानक सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें स्थानीय अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन देवकाली बैरियर पर गाड़ी रोक दी गई। परिवार ने पुलिस अधिकारियों से बैरियर खोलने की गुहार लगाई और थाना प्रभारी व एसएसपी को भी फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। लगभग एक घंटे 15 मिनट बाद बैरियर खोला गया, लेकिन आगे भी कई बैरिकेड्स लगे थे, जिससे गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी।
परिवार ने जब देखा कि अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो रहा है, तो उन्होंने फैसला किया कि वे फैजाबाद के जिला अस्पताल जाएंगे। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। रास्ते में ही डॉ. द्विवेदी ने दम तोड़ दिया। उनके बेटे राहुल द्विवेदी ने बताया कि बैरिकेड्स के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा और अस्पताल पहुंचने में दो घंटे लग गए। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस बुलाने की स्थिति भी नहीं थी, क्योंकि उसे आने में एक से दो घंटे लग रहे थे।
अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, इस घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अयोध्या बीजेपी मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि प्रशासन का ध्यान सिर्फ बाहरी लोगों पर है, जबकि स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस घटना के बाद अयोध्या में सुरक्षा इंतजामों और मेडिकल सुविधाओं को लेकर बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बैरिकेडिंग और प्रशासन की लापरवाही की वजह से कई मरीजों की जान पर बन सकती है। इस मामले में अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा है।