अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या और प्रयागराज के बीच यात्रा को अधिक सुगम और तीव्र बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 'हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड कॉरिडोर' के निर्माण की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को 'सिक्स लेन' मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। यह नया कॉरिडोर न केवल दो प्रमुख धार्मिक नगरों के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगा।
परियोजना के विस्तार और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए जिले की तीन प्रमुख तहसीलों—सदर, सोहावल और बीकापुर के कुल 51 गांवों को चिह्नित किया गया है। अधिसूचना के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) को सौंपी गई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के बीच फिलहाल इस अधिसूचना को लेकर पूरी स्पष्टता नहीं बन पाई है, जिसके कारण मुआवजे और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति अभी प्रारंभिक चरण में है।
तहसीलवार प्रभाव की बात करें तो बीकापुर तहसील इस परियोजना से सर्वाधिक प्रभावित होने वाली है, जहाँ के 40 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके अलावा सदर तहसील के 6 गांव और सोहावल तहसील के 5 गांवों की जमीन भी इस सिक्स लेन कॉरिडोर के दायरे में आएगी। इन गांवों में बरौली, भदोखर, खानपुर मसौधा और खजुरहट जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं, जहाँ बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ही भौगोलिक स्वरूप में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बन जाने से अयोध्या और प्रयागराज के बीच का सफर बेहद कम समय में तय किया जा सकेगा। यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिससे भारी वाहनों और निजी यातायात को गति मिलेगी। फिलहाल, अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित गांवों के किसानों और स्थानीय निवासियों की नजरें प्रशासन की अगली घोषणा और भूमि के उचित मुआवजे की प्रक्रिया पर टिकी हैं।