अयोध्या न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन ने जिला स्तरीय अस्पतालों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पुख्ता इंतजाम किए हैं। लू से प्रभावित मरीजों के त्वरित उपचार के लिए जिले भर में कुल 85 बेड विशेष रूप से आरक्षित किए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल राहत मिल सके।
चिकित्सकीय सुविधाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चार-चार बेड के विशेष 'कोल्ड रूम' तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों के आरक्षित वार्डों को एयर कंडीशनर (AC) से लैस किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी केंद्रों पर जीवनरक्षक दवाओं और ओआरएस (ORS) जैसे जरूरी चिकित्सा उपकरणों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि मधुमेह, हृदय रोग और मोटापे से जूझ रहे व्यक्तियों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। तेज धड़कन, पसीना न आना, भ्रम की स्थिति और सिरदर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है, क्योंकि यह सीधे मस्तिष्क और हृदय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है।
बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से समय-समय पर पानी पीने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की अपील की है। धूप में निकलते समय सिर को गीले कपड़े या छाते से ढंकना और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का प्रयोग करना अनिवार्य बताया गया है। यदि कोई व्यक्ति लू की चपेट में आता है, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर शरीर के तापमान को कम करने के लिए प्राथमिक उपचार देने की सलाह दी गई है।