अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में शनिवार को वैशाख शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर जगद्जननी माता जानकी का जन्मोत्सव पहली बार अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक घड़ी में मंदिर के प्रथम तल पर राजा राम के संग विराजमान माता सीता के विग्रह का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से विधि-विधान पूर्वक अभिषेक किया गया। मंदिर के अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता सीता की विशेष आराधना की, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
पूजन के उपरांत माता जानकी का अनुपम और भव्य श्रृंगार किया गया, जिसकी छटा देखते ही बनती थी। मध्याह्न काल में माता को पारंपरिक परंपरा के अनुसार छप्पन भोग समर्पित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के पकवान, मिष्ठान और ऋतु फल शामिल थे। इस विशेष उत्सव का आनंद भूतल पर विराजमान रामलला को भी प्राप्त हुआ, जहाँ उन्हें भी भव्य छप्पन भोग अर्पित कर जन्मोत्सव की खुशियां साझा की गईं।
उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय प्रभु अपने पांच वर्षीय बाल स्वरूप में अकेले विराजमान हुए थे। इसके पश्चात, पिछले वर्ष 5 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रथम तल पर 'राम दरबार' की स्थापना की गई थी। इसमें राजा राम के साथ माता जानकी, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और भक्त हनुमान की प्रतिमाएं प्रतिष्ठित हुई थीं, जिसके बाद यह माता सीता का अपनी ससुराल में पहला आधिकारिक जन्मोत्सव है।
चूंकि वर्ष 2025 में जानकी नवमी का पर्व राम परिवार की प्रतिष्ठा से ठीक एक माह पूर्व ही संपन्न हो चुका था, इसलिए इस वर्ष का आयोजन श्रद्धालुओं और न्यास के लिए भावनात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। ट्रस्ट की देखरेख में आयोजित इस प्रथम जन्मोत्सव ने अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।