अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या रोड पर वाहनों के निरंतर बढ़ते दबाव और कमता चौराहे पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने एक नया ट्रैफिक प्लान लागू किया है। हाईकोर्ट के कड़े रुख और यातायात व्यवस्था में सुधार के निर्देशों के बाद, अधिकारियों ने मौके का गहन निरीक्षण कर इस डायवर्जन योजना को धरातल पर उतारा है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य कमता के पास रेंगते वाहनों को गति देना और मुख्य मार्ग को सुगम बनाना है।
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के नेतृत्व में किए गए एक विस्तृत अध्ययन से पता चला कि पॉलीटेक्निक से कमता की ओर आने वाले कुल यातायात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अयोध्या और शहीद पथ की ओर मुड़ जाता है। इसी तरह, शहीद पथ से आने वाला 40 प्रतिशत ट्रैफिक भी इसी संकरे दबाव बिंदु पर आकर मिलता है। इस सांख्यिकीय विश्लेषण के आधार पर ही विशेषज्ञों ने नए डायवर्जन का खाका तैयार किया है, ताकि ट्रैफिक का वितरण संतुलित किया जा सके।
निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख संवेदनशील स्थानों पर 12 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनका सीधा जुड़ाव सेंट्रल कंट्रोल रूम से है। यातायात को सुचारू रखने की जिम्मेदारी विभूतिखंड और चिनहट पुलिस के साथ-साथ ट्रैफिक कर्मियों के कंधों पर संयुक्त रूप से डाली गई है। तकनीक और पुलिस बल के इस समन्वय से उम्मीद जताई जा रही है कि जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकेगा।
हालांकि, बिना किसी पूर्व सार्वजनिक सूचना के अचानक लागू किए गए इस डायवर्जन के कारण शुरुआत में लोग काफी असमंजस में दिखे। नए रास्तों की जानकारी न होने के चलते पहले दिन कमता चौराहे पर वाहनों का भारी जमावड़ा देखा गया। पुलिस प्रशासन ने जनता से इस नए यातायात चार्ट का पालन करने और सहयोग करने की अपील की है, ताकि आने वाले समय में आवागमन को बिना किसी बाधा के संचालित किया जा सके।